भाग 2
टोनी ने एग्नेस की सेडान कार से कई कारों की दूरी बनाए रखी, जबकि वे शांत उपनगरीय सड़कों से गुज़र रहे थे। वह सावधानी से हल्के ट्रैफ़िक में घुला-मिला रहा और उसका कैमरा उपकरण पूरे रास्ते की रिकॉर्डिंग कर रहा था।
उसका दिल लगातार ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था, जब कार परिचित मोहल्लों से दूर शहर के किनारे स्थित एक पुराने इलाके की ओर मुड़ी, जहाँ घर बड़े थे लेकिन अजीब तरह से एक-दूसरे से अलग-थलग पड़े थे।
कुछ और मोड़ों के बाद एग्नेस ने एक ऊँची दो-मंज़िला इमारत के सामने गाड़ी धीमी की, जो घनी झाड़ियों से घिरी हुई थी।
टोनी की साँस अटक गई।
मुख्य दरवाज़ा नीले रंग का था।
उसने अपनी कार गली के नीचे पार्क की और चुपचाप बाहर निकला। जैसे ही एग्नेस ने यात्री सीट का दरवाज़ा खोला और एम्मा को बाहर उतारा, उसने अपने लंबे कैमरा लेंस को ऊपर उठा लिया।
एक पल के लिए टोनी का मन हुआ कि तुरंत दौड़कर अपनी बेटी को घर ले जाए।
लेकिन उसके भीतर का डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता समझता था कि उस घर के अंदर जो कुछ भी हो रहा था, पहले उसका सबूत इकट्ठा करना ज़रूरी था।
एग्नेस ने एम्मा का हाथ पकड़ा और उसे छोटे रास्ते से दरवाज़े तक ले गई।
दरवाज़ा बिना दस्तक दिए ही खुल गया।
अंदर किसी को उनके आने की पहले से उम्मीद थी।
टोनी ने कैमरा और ऊपर किया और लेंस फोकस किया, जैसे ही दरवाज़ा इतना खुला कि अंदर के धुँधले गलियारे में हलचल दिखाई देने लगी।
और जब उसने आखिरकार उस व्यक्ति को देखा जो उस दरवाज़े के पीछे खड़ा था…
मंगलवार की सुबह की धूप रसोई की खिड़की की झिर्रियों से छनकर अंदर आ रही थी, जब टोनी ग्लास अपनी बेटी के पसंदीदा हाथियों वाले मग में कॉफी डाल रहा था। एम्मा नाश्ते की मेज़ पर बैठी थी और अपनी प्लेट में पड़े स्क्रैम्बल्ड एग्स को इधर-उधर कर रही थी। उसके सात साल के चेहरे पर चिंता की गहरी लकीरें थीं।
उसने अपने खाने को हाथ तक नहीं लगाया था, और यही पहला संकेत था कि कुछ गड़बड़ है।
एम्मा को नाश्ता बहुत पसंद था।
—डैड।
उसकी धीमी आवाज़ रसोई की खामोशी को चीर गई।
टोनी मुड़ा।
—हाँ, बेटा?
—क्या आपको सच में बोस्टन जाना ज़रूरी है?
यह तीसरी बार था जब उसने पिछली रात से यही सवाल पूछा था।
पिट्सबर्ग में होने वाला डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म सम्मेलन उसके करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। तीन दिन की नेटवर्किंग, संभावित ग्राहकों से मुलाकात और उसके अगले प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की चर्चा।
लेकिन एम्मा के चेहरे ने उसे रोक दिया।
—सिर्फ़ तीन दिन की बात है, एम्मा। तुम मम्मी और नानी एग्नेस के साथ रहोगी। तुम्हें उनके साथ रहना पसंद है ना?
एम्मा के चेहरे पर कुछ चमका।
डर।
बिल्कुल साफ़ डर।
टोनी ने कॉफी नीचे रख दी और उसके पास घुटनों के बल बैठ गया।
—क्या हुआ?
एम्मा की आँखों में आँसू भर आए।
उसने दरवाज़े की ओर देखा, फिर झुककर फुसफुसाई—
—जब आप चले जाते हैं, नानी एग्नेस मुझे कहीं ले जाती हैं।
—वह कहती हैं कि मैं आपको और मम्मी को न बताऊँ।
—वह कहती हैं कि यह हमारा खास राज़ है।
ये शब्द टोनी पर बर्फ़ के पानी की तरह गिरे।
उसने अपने करियर में समाज के अँधेरे कोनों को देखा था। भ्रष्टाचार, शोषण और दुर्व्यवहार का पर्दाफाश किया था।
उसकी सारी प्रवृत्तियाँ अब चीख रही थीं कि कुछ बहुत गलत है।
—वह तुम्हें कहाँ ले जाती हैं?
—मुझे नहीं पता उस जगह का नाम क्या है।
—वहाँ एक बड़ा घर है… नीले दरवाज़े वाला।
—कभी-कभी वहाँ और बच्चे भी होते हैं।
—और बड़े लोग भी… जो हमसे कुछ करवाते हैं।
टोनी का खून जम गया।
—कैसी चीज़ें?
एम्मा के होंठ काँपे।
—वे तस्वीरें लेते हैं।
—वे हमें अलग-अलग कपड़े पहनाते हैं… मुस्कुराने को कहते हैं… और एक-दूसरे को छूने को…
इसके बाद वह रो पड़ी।
टोनी ने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।
…
—तुमने मुझे बताकर बिल्कुल सही किया।
—मैं बोस्टन नहीं जा रहा, ठीक है?
—मैं यहीं रहूँगा और इसे ठीक करूँगा।
—नानी ने कहा था कि अगर मैंने बताया तो आपके और मम्मी के साथ कुछ बुरा हो जाएगा।
—कुछ भी बुरा नहीं होगा।
—मैं वादा करता हूँ।
टोनी ने अपने जीवन में कई शिकारी लोगों का पर्दाफाश किया था।
वह जानता था कि बच्चों को चुप रखने के लिए किस तरह धमकियाँ दी जाती हैं।
लेकिन यह जानना कि वही सब उसकी अपनी बेटी के साथ हो रहा हो सकता है, और उसमें उसकी सास शामिल हो सकती है, उसे भीतर तक हिला गया।
उसने सम्मेलन रद्द किया और अपनी पत्नी हेलेन को फोन किया।
—टोनी, क्या हुआ?
—तुम अभी घर आओ।
—यह एम्मा के बारे में है।
…
तीस मिनट बाद हेलेन घर पहुँच गई।
टोनी ने उसे सब कुछ बताया।
हेलेन का चेहरा सफेद पड़ गया।
—यह असंभव है।
—मेरी माँ ऐसा नहीं कर सकती।
लेकिन उसकी आवाज़ में अब भरोसा नहीं था।
टोनी ने एम्मा की थेरेपी में बनाई गई तस्वीरें दिखाईं।
नीला दरवाज़ा।
कई आकृतियाँ।
एक कैमरा।
—मैंने एम्मा की सारी बात रिकॉर्ड कर ली है।
—हमें पुलिस के पास जाना चाहिए।
—अभी नहीं, हेलेन।
—हमारे पास सिर्फ़ एक बच्चे की गवाही और कुछ चित्र हैं।
—तुम जानती हो ऐसे मामलों में क्या होता है।
—तो मैं और सबूत लाऊँगा।
—कैसे?
—मैं कल सुबह वैसे ही निकलूँगा जैसे बोस्टन जा रहा हूँ।
—फिर वापस आऊँगा।
—और एग्नेस का पीछा करूँगा।
…
अगली सुबह सब कुछ योजना के अनुसार हुआ।
टोनी ने अपना सूटकेस कार में रखा।
एग्नेस गेस्ट हाउस की खिड़की से मुस्कुराते हुए हाथ हिला रही थी।
उसे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि जिस आदमी को वह शहर से बाहर जाता समझ रही है, वही कुछ घंटों बाद उसकी हर हरकत पर नज़र रख रहा होगा।
हेलेन ने ड्राइववे में उसे ज़ोर से अलविदा कहा ताकि एग्नेस सुन सके।
—मैं तुम्हें मिस करूँगी।
—बस तीन दिन।
—मैं आज रात फोन करूँगा।
बीस मिनट बाद हेलेन उसे एयरपोर्ट छोड़कर चली गई।
लेकिन टोनी ने तुरंत एक राइड बुक की और वापस अपने मोहल्ले में आ गया।
उसने अपनी कार तीन घर दूर झाड़ियों के पीछे खड़ी कर दी।
वहाँ से उसे अपना घर साफ़ दिखाई देता था।
ठीक सुबह नौ बजे एग्नेस टेलर की सेडान ड्राइववे में आकर रुकी।
टोनी ने स्टीयरिंग व्हील को कसकर पकड़ लिया।
उसने देखा, एम्मा घर से बाहर आई और एग्नेस के साथ कार की ओर चली गई।
कुछ क्षण वे कार के पास खड़े होकर बात करते रहे।
एम्मा घबराई हुई लग रही थी।
एग्नेस ने उसके लिए दरवाज़ा खोला।
टोनी ने इंतज़ार किया जब तक कार सड़क पर नहीं आ गई।
फिर उसने इंजन स्टार्ट किया।
और उनका पीछा करने लगा।
