मोरेलिया में एक छोटी चिहुआहुआ कुतिया टैक्सी में किराया ऐसे वसूलती थी मानो वह भी वहाँ की एक कर्मचारी हो… लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उस दोपहर वह अपने मालिक से पहले ही एक यात्री को पहचान लेगी।

भाग 2

डेविड को ऐसा लगा जैसे उसके हाथ स्टीयरिंग व्हील से चिपक गए हों।

एक पल के लिए शहर गायब हो गया।

उसे हॉर्न की आवाज़ें सुनाई नहीं दीं।

उसने अपने पास से गुजरती कारों को नहीं देखा।

उसे सिर्फ वह गुलाबी कॉलर दिखाई दिया जो उसके जूतों के पास पड़ा था, जिसकी हड्डी के आकार वाली प्लेट चटाई की धूल के बीच चमक रही थी।

“चीकिस।”

वही नाम उस पर खुदा हुआ था।

उसी टेढ़े-मेढ़े अक्षरों में, जिन्हें उसकी पत्नी टेरेसा ने शहर के बीचोंबीच एक छोटी-सी दुकान से चुना था, जब वह नन्ही कुतिया उसकी हथेली में समा जाती थी।

डेविड ने मुश्किल से थूक निगला।

—तुम कौन हो? —उसने पीछे मुड़े बिना पूछा।

उस आदमी ने सूखी हँसी छोड़ी।

—नाटक मत करो, डेविड। तुम अच्छी तरह जानते हो कि मैं कौन हूँ।

चीकिस अब भी भौंक रही थी, आगे की दोनों सीटों के बीच खड़ी, उसकी पीठ के बाल खड़े थे और उसकी नज़र बैग पर टिकी हुई थी।

डेविड ने रियर-व्यू मिरर में देखा।

काली टोपी।

काला चश्मा।

बेतरतीब दाढ़ी।

वह जबड़ा।

वह टेढ़ी मुस्कान।

उसकी साँस अटक गई।

—रामिरो…

उस आदमी ने धीरे-धीरे चश्मा उतार दिया।

और तभी डेविड ने उस बात की पुष्टि कर ली जो उसका दिल पहले से जानता था।

रामिरो साल्सेडो।

टेरेसा का छोटा भाई।

वह आदमी जो उसी दिन गायब हो गया था जिस दिन चीकिस चोरी हुई थी।

वह आदमी जो अपनी ही बहन के अंतिम संस्कार में शराब की बदबू के साथ आया था, ताबूत के सामने पैसे माँगे थे और फिर कभी दिखाई नहीं दिया।

—लगता है तुम्हें याद है —रामिरो ने कहा—। अच्छा है। परिचय देने का समय बच गया।

डेविड ने दाँत भींच लिए।

—मेरी टैक्सी से उतर जाओ।

—पहले गाड़ी चलाओ।

—मैंने कहा उतर जाओ।

रामिरो ने अपने बैग से कुछ निकाला।

वह हथियार नहीं था।

एक मुड़ी हुई तस्वीर थी।

उसने उसे आगे फेंक दिया।

वह आगे वाली सीट पर गिरी।

डेविड ने सिर्फ एक पल उसे देखा।

और वही पल उसके खून को जमा देने के लिए काफी था।

तस्वीर में टेरेसा थी।

उसकी टेरेसा।

अस्पताल की बेंच पर बैठी हुई, अपनी मौत से कुछ महीने पहले, चीकिस को गोद में सुलाए हुए।

लेकिन पीछे खिड़की के प्रतिबिंब में रामिरो उसे देखता हुआ दिखाई दे रहा था।

—यह तुम्हें कहाँ से मिली? —डेविड बुदबुदाया।

रामिरो आगे झुका।

—उस बैग से जो उसने मरने से पहले मेरे घर में छोड़ा था।

डेविड के सीने में आग-सी लग गई।

—टेरेसा कभी तुम्हारे घर नहीं गई होती।

—तुम यही सोचते थे।

चीकिस और ज़ोर से गुर्राई।

रामिरो ने उसकी ओर तिरस्कार से इशारा किया।

—उस रात मुझे पहचानने वाली वही एक थी।

डेविड ने थोड़ा सिर घुमाया।

—कौन-सी रात?

रामिरो मुस्कुराया।

—वह रात जब तुम्हारी पत्नी ने सब कुछ जान लिया था।

यह वाक्य टैक्सी के भीतर पत्थर की तरह गिरा।

डेविड बोल नहीं पाया।

लगभग दो साल तक उसने माना था कि टेरेसा की मौत एक साधारण, क्रूर लेकिन प्राकृतिक त्रासदी थी।

स्वास्थ्य बिगड़ गया था।

दिल थक गया था।

एक ऐसा दर्द जिसे डॉक्टर भी पूरी तरह समझ नहीं पाए।

वह अस्पताल में एक अजीब, खामोश सप्ताह के बाद मर गई थी—बुखार, कमजोरी और एक ऐसी उदासी के साथ जो सिर्फ शरीर से नहीं आती थी।

लेकिन अब, जब रामिरो उसके पीछे बैठा था और चीकिस का खोया हुआ कॉलर फर्श पर पड़ा था, सब कुछ हिलने लगा।

जैसे किसी छोड़े हुए घर का दरवाज़ा खुल रहा हो।

—बोलो —डेविड ने कहा।

रामिरो हँसा।

—तुम आदेश देने की स्थिति में नहीं हो।

उसी समय डेविड का फोन डैशबोर्ड पर कंपन करने लगा।

वह दोना एलवीरा का वॉइस मैसेज था, एक पड़ोसन जो कभी-कभी उसके लिए खाना रख देती थी।

डेविड ने उसे नहीं खोला।

लेकिन रामिरो ने देख लिया।

—मदद माँगने की कोशिश भी मत करना।

डेविड ने सड़क की ओर देखा।

लोग थे।

दुकानें खुली थीं।

दो ब्लॉक आगे एक पुलिस की गाड़ी खड़ी थी।

अगर वह चिल्लाता, तो शायद कोई सुन लेता।

लेकिन रामिरो मानो उसका मन पढ़ रहा था।

—बहादुर बनने से पहले सोच लो। मुझे पता है तुम कहाँ रहते हो। किस समय घर से निकलते हो। और हर रविवार फूल कहाँ छोड़ते हो।

डेविड को ऐसा लगा जैसे किसी ने उसे अदृश्य मुक्का मारा हो।

टेरेसा की कब्र।

रामिरो को उसके बारे में भी पता था।

चीकिस सीट से उतरकर डेविड के पैरों के पास आ गई।

वह काँप रही थी, लेकिन आदमी को देखना बंद नहीं कर रही थी।

डेविड ने गहरी साँस ली।

पहला गियर लगाया।

टैक्सी आगे बढ़ी।

रामिरो थोड़ा ढीला पड़ा।

—ऐसे ही अच्छा लगता है।

—कहाँ जाना है?

—शहर से बाहर की तरफ चलते रहो। मैं बताऊँगा।

डेविड धीरे-धीरे गाड़ी चला रहा था।

उसका दिमाग हजार टुकड़ों में बँटा हुआ था।

मोरेलिया का हर मोड़ एक जैसा भी लग रहा था और अलग भी।

सड़कें।

ठेले।

चलते हुए परिवार।

सामान्य जीवन।

और उनके बीच एक आदमी, जिसका अतीत अभी-अभी एक पुराने घाव की तरह खुल गया था।

—तुम चाहते क्या हो? —डेविड ने पूछा।

—जो तुम्हारी पत्नी ने मुझसे चुराया था।

डेविड कड़वाहट से हँसा।

—टेरेसा ने कभी किसी से कुछ नहीं चुराया।

रामिरो ने उसकी सीट की पीठ पर मुक्का मारा।

—जिस बात का तुम्हें पता नहीं, उस पर मत बोलो!

चीकिस भौंकी।

डेविड ने गाड़ी थोड़ी धीमी की।

—उस पर मत चिल्लाओ।

—तुम अभी भी उसका बचाव कर रहे हो? —रामिरो ने थूकते हुए कहा—। हमेशा की तरह। सब टेरेसा का ही बचाव करते थे। अच्छी टेरेसा। सभ्य टेरेसा। ईमानदार टैक्सी ड्राइवर से शादी करके अपने परिवार को भूल जाने वाली टेरेसा।

डेविड की नज़र सड़क पर टिकी रही।

—उसे तुमने भुलाया था, जब तुमने अपनी ही माँ से चोरी की थी।

रामिरो चुप हो गया।

बस एक पल के लिए।

फिर मुस्कुराया।

—लगता है उसने तुम्हें वही कहानी सुनाई थी।

डेविड ने जवाब नहीं दिया।

—मेरी बहन कोई संत नहीं थी, डेविड।

डेविड का हाथ गियर लीवर पर काँप गया।

—अपना मुँह बंद रखो।

—उसके पास कागज़ थे। पैसे थे। और कुछ ऐसा था जो मेरा था।

—कौन-से कागज़?

रामिरो आगे झुका।

उसकी आवाज़ धीमी हो गई।

—मेरी माँ के घर के कागज़। पात्स्कुआरो वाला घर। टेरेसा ने मरने से पहले सब बदल दिया। उसने मुझे बाहर कर दिया। मुझे सड़क पर छोड़ दिया।

… (जारी)

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